पांच साल के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर की यात्रा इस वर्ष जून से अगस्त के बीच उत्तराखंड और सिक्किम दोनों रास्तों से शुरू होने जा रही है और इसमें कुल 750 यात्री महादेव के धाम जा सकेंगे।
विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए विदेश और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आज यहां इस यात्रा के लिए पंजीकरण कराने वाले यात्रियों के चयन के लिए कम्प्यूटरीकृत ड्रॉ आयोजित किया।
लिपुलेख दर्रे से होकर जाने पर 22 दिन और नाथू ला दर्रे से होकर 21 दिन का समय लगेगा। लिपुलेख दर्रे के रास्ते से होने वाली यात्रा में इस वर्ष 50-50 यात्रियों के पांच बैच जाएंगे जबकि नाथू ला दर्रे से होकर जाने वाली यात्रा में 10 बैच जाएंगे। दोनों मार्ग अब पूरी तरह से मोटर चलाने योग्य हैं।
उत्तराखंड के रास्ते से जाने वाले यात्रियों को अब पैदल नहीं चलना पड़ेगा। लिपुलेख दर्रे तक सड़क बन गई है। उन्हें केवल सीमा पार करने के लिए करीब एक किलोमीटर ही चलना होगा। यात्रियों को एसएमएस और ईमेल संदेशों के माध्यम से उनके चयन के बारे में सूचित किया जाता है।
