देहरादून। उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती अब केवल फिल्मों के पर्दे तक सीमित नहीं रह गई है। नई फिल्म नीति लागू होने के बाद राज्य देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। राज्य में शूटिंग के लिए उपलब्ध सुविधाओं और फिल्म नीति के प्रोत्साहनों का असर निवेश और आर्थिक गतिविधियों पर भी दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के अनुसार, पांच साल से कम अवधि में उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग के जरिए 1,759 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और विविध भौगोलिक परिस्थितियां फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल हैं। सरकार का उद्देश्य राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर बढ़ाना है। इसके लिए शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने और फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है।
फिल्म नीति-2024 से शूटिंग को मिला बढ़ावा
उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए लागू नई फिल्म नीति-2024 ने राज्य को महज शूटिंग लोकेशन से आगे बढ़ाकर फिल्म निर्माण के समग्र केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आधार तैयार किया है। नीति में फिल्म शूटिंग के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था, विभिन्न प्रोत्साहन और अनुदान, फिल्म पुरस्कार, प्रशिक्षण एवं छात्रवृत्ति के साथ पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। नई नीति के तहत फिल्म निर्माताओं के लिए शूटिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य प्रतिभाओं को अवसर देने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का प्रयास है कि राज्य में होने वाली फिल्म गतिविधियों का लाभ स्थानीय लोगों और प्रदेश की रचनात्मक प्रतिभाओं तक पहुंचे।
52 फिल्मों को मिला अनुदान
फिल्म नीति के तहत पात्र फिल्मों को अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 52 फिल्मों को अनुदान दिया गया है। इनमें हिंदी फिल्मों के साथ गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और उत्तराखंड की अन्य भाषाओं में बनी फिल्में भी शामिल हैं। अकेले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 फिल्मों को अनुदान दिया गया। वहीं, वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक प्रदेश में 1,440 से अधिक फिल्मों की शूटिंग और एनओसी से संबंधित गतिविधियां दर्ज की गई हैं। इससे राज्य में फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के बढ़ते दायरे का संकेत मिलता है।
पहली बार आयोजित हो रहे उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार
फिल्म नीति के तहत पहली बार उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार-2024 एवं 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इन पुरस्कारों के माध्यम से प्रदेश में निर्मित या फिल्मांकित फिल्मों के साथ स्थानीय बोलियों और भारतीय भाषाओं की फिल्मों, कलाकारों, तकनीशियनों तथा अन्य रचनात्मक प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर भी फिल्म-अनुकूल राज्य के रूप में पहचान मिली है। सरकार का फोकस अब फिल्म शूटिंग के साथ फिल्म निर्माण से जुड़ी अन्य गतिविधियों को भी प्रदेश में बढ़ावा देने पर है, ताकि राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी राष्ट्रीय मंच मिल सके।
