गोरखपुर। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को दोपहर में श्रीरामनवमी के महापर्व पर विधि विधान से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया। उन्होंने प्रभु श्रीराम का पूजन किया, आरती उतारी और भगवान के बालस्वरूप रामलला को पालने में झूला-झुलाकर लोकमंगल की प्रार्थना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर प्रभु श्रीराम के भजनों से गुंजायमान रहा।
वासंतिक (चैत्र) नवरात्र की नवमी तिथि पर शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन का अनुष्ठान पूर्ण करने के बाद मुख्यमंत्री याेगी मंदिर परिसर स्थित रामदरबार पहुंचे। यहां प्रतिष्ठित विग्रहों का पूजन किया और आरती उतारी। प्रभु राम के बालस्वरूप को फूलों से सजे पालने में विराजित कराया गया था। दोपहर के 12 बजते ही उन्होंने पालने में विराजमान रामलला की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा अर्चना की। प्रभु के विग्रह को तिलक लगाने और माल्यार्पण करने के बाद आरती उतारी। पूजन का अनुष्ठान पूर्ण करने के साथ योगी ने बालस्वरूप भगवान को श्रद्धाभाव से पालने में झुलाया।
इसके बाद मुख्यमंत्री मंदिर परिसर के ओपन एयर थिएटर के मंच पहुंचे। यहां भी पालने में विराजित भगवान श्रीराम की विधिपूर्वक आराधना की और उन्हें झूला झुलाया। मंच पर उन्होंने भगवान राम, गुरु गोरखनाथ, महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए। अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि की प्रार्थना की।
