किन्नौर। हिमाचल प्रदेश में सोमवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी। शिमला से लेकर चंबा, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और मंडी तक भारी बारिश, भूस्खलन और सड़क हादसों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। इस आपदा में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि चंबा में 12 से अधिक वाहन भूस्खलन की चपेट में आकर मलबे में दब गए। कई प्रमुख सड़कें बंद होने से यातायात बाधित हो गया और अनेक गांवों का संपर्क टूट गया।
राजधानी शिमला में लगातार हो रही बारिश के कारण सर्कुलर रोड पर भारी भूस्खलन हुआ, जिससे शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। वहीं, चमियाणा अस्पताल को जाने वाला मुख्य मार्ग भी भूस्खलन और पेड़ गिरने से बंद हो गया। सुबह दफ्तर, स्कूल और अस्पताल जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ी, जबकि वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े।
चंबा जिले के नगर परिषद क्षेत्र के सुल्तानपुर वार्ड स्थित ओवड़ी मोहल्ले में देर रात भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ, जिससे करीब 12 वाहन मलबे में दब गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा के मद्देनज़र अपने घर छोड़कर खुले स्थानों में शरण ली और पूरी रात दहशत के साये में बिताई।
ऊना जिले के टकारला क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई। वहीं, मंडी जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बरोट को जाने वाली सड़क देव ढांक के पास बड़े भूस्खलन के कारण बंद हो गई, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई।
हमीरपुर जिले के भोरंज उपमंडल में मंगलवार सुबह हुई भारी बारिश के कारण बस्सी-तत्ताहर सड़क मार्ग पर चैंथ खड्ड, लिंडी खड्ड और सीर खड्ड पर निर्माणाधीन पुलों के लिए बनाई गई अस्थायी सड़क बह गई। इससे मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया और कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया।
बारिश के बीच कांगड़ा और चंबा जिलों में दो दर्दनाक सड़क हादसों में सात लोगों की जान चली गई। भरमौर-पठानकोट हाईवे पर लाहड़ के पास तेज बारिश के दौरान एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में तीन माह के नवजात सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर 53 मील के पास एक 16 टायरी ट्रक पुल की रेलिंग तोड़ते हुए खड्ड में जा गिरा, जिससे दो लोगों की मौत हो गई।
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के चलते प्रदेश के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है और लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
