हरिद्वार, 19 मई । हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज के जंगल में एक नर बाघ का क्षत-विक्षत शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। करीब दो वर्ष आयु के बाघ के चारों पैर कटे मिले हैं, जबकि उसकी खाल और दांत सुरक्षित पाए गए। प्रारंभिक जांच में मामला वन्यजीव शिकार और तस्करी से जुड़ा माना जा रहा है। वन विभाग ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है, जब कि दूसरा फरार बताया जा रहा है। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने यह जानकारी मंगलवार को दी।
वन विभाग के अनुसार रविवार शाम करीब 6.30 बजे श्यामपुर रेंज के सजनपुर बीट स्थित कम्पार्टमेंट संख्या-09 में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। इसी दौरान जंगल से बाघ का शव बरामद हुआ। मौके पर एक मृत भैंस का शव भी मिला, जिसके आधार पर आशंका जताई जा रही है कि बाघ को भैंस का जहरीला मांस खिलाकर मारा गया। बाद में बेचने के लिए आरोपियों ने बाघ के चारों पैर काट दिए। हालांकि ऐसा करने से पहले वन विभाग की टीम ने समय रहते शव बरामद कर लिया। मौके से बाघ के कटे पैर भी बरामद कर लिए गए हैं।
वन विभाग को मुखबिर से वन गुर्जरों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने आलम उर्फ फम्मी पुत्र शमशेर निवासी गुर्जर डेरा, श्यामपुर कम्पार्टमेंट संख्या-09 को गिरफ्तार कर लिया। वहीं आमिर हमजा उर्फ मियां पुत्र मायी निवासी गुर्जर डेरा, कम्पार्टमेंट संख्या-03 मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। बताया जा रहा है कि इससे पहले बाघ या गुलदार के शिकार के मामलों में बाहरी वन्यजीव तस्करों के नाम सामने आते रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस तरह की घटना पहली बार सामने आई है।
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि बाघ के शव का एनटीसीए प्रोटोकॉल के तहत पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला बेहद गंभीर प्रतीत हो रहा है। डीएफओ ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के शिकार और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। श्यामपुर रेंज सहित आसपास के वन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और फरार आरोपित की तलाश में सर्च अभियान जारी है।
हरिद्वार, 19 मई । हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज के जंगल में एक नर बाघ का क्षत-विक्षत शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। करीब दो वर्ष आयु के बाघ के चारों पैर कटे मिले हैं, जबकि उसकी खाल और दांत सुरक्षित पाए गए। प्रारंभिक जांच में मामला वन्यजीव शिकार और तस्करी से जुड़ा माना जा रहा है। वन विभाग ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है, जब कि दूसरा फरार बताया जा रहा है। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने यह जानकारी मंगलवार को दी।
वन विभाग के अनुसार रविवार शाम करीब 6.30 बजे श्यामपुर रेंज के सजनपुर बीट स्थित कम्पार्टमेंट संख्या-09 में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। इसी दौरान जंगल से बाघ का शव बरामद हुआ। मौके पर एक मृत भैंस का शव भी मिला, जिसके आधार पर आशंका जताई जा रही है कि बाघ को भैंस का जहरीला मांस खिलाकर मारा गया। बाद में बेचने के लिए आरोपियों ने बाघ के चारों पैर काट दिए। हालांकि ऐसा करने से पहले वन विभाग की टीम ने समय रहते शव बरामद कर लिया। मौके से बाघ के कटे पैर भी बरामद कर लिए गए हैं।
वन विभाग को मुखबिर से वन गुर्जरों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने आलम उर्फ फम्मी पुत्र शमशेर निवासी गुर्जर डेरा, श्यामपुर कम्पार्टमेंट संख्या-09 को गिरफ्तार कर लिया। वहीं आमिर हमजा उर्फ मियां पुत्र मायी निवासी गुर्जर डेरा, कम्पार्टमेंट संख्या-03 मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। बताया जा रहा है कि इससे पहले बाघ या गुलदार के शिकार के मामलों में बाहरी वन्यजीव तस्करों के नाम सामने आते रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस तरह की घटना पहली बार सामने आई है।
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि बाघ के शव का एनटीसीए प्रोटोकॉल के तहत पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला बेहद गंभीर प्रतीत हो रहा है। डीएफओ ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के शिकार और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। श्यामपुर रेंज सहित आसपास के वन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और फरार आरोपित की तलाश में सर्च अभियान जारी है।
