वाशिंगटन। अमरीका में हुए मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सेनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है। 435 सीटों वाले निचले सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी ने 228 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा (218) पार कर लिया है, जबकि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी महज 139 सीटों पर सिमट कर रह गई है। सेनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। अब तक 33 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं, जिनमें से 20 सीटें डेमोक्रेटिक पार्टी और 13 सीटें रिपब्लिकन पार्टी ने जीती हैं (बाकी दो सीटों पर गिनती जारी थी)। नतीजों के साथ 100 सदस्यीय सेनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के पास कुल 54 सीटें हो चुकी हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 44 सीटों पर सिमट गई है। देश के 36 राज्यों में नए गवर्नर चुनने के लिए भी एक साथ मतदान कराया गया। 36 सीटों में से 34 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। 22 डेमोक्रेट्स और 12 रिपब्लिकन ने सीटें जीती हैं। दो राज्यों में वोटों की गिनती जारी थी।
राष्ट्रपति बोले, अब राजनीतिक विश्लेषक बनूंगा
अमरीका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक नई सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। ट्रंप ने कहा है कि अब वह राजनीतिक विश्लेषक (पॉलिटिकल पंडित) बनने जा रहे हैं। वह चुनाव में जीतने और हारने वाले उम्मीदवारों के प्रदर्शन के कारणों पर अपनी राय रखेंगे। उन्होंने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा की। डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मैं एक राजनीतिक विश्लेषक बनने जा रहा हूं। अच्छे और बुरे, दोनों पहलुओं से उन कारणों पर चर्चा करूंगा, जिनकी वजह से ये उम्मीदवार जीते या हारे।
अमरीकी सेनेट में पहली बार पहुंचा मुस्लिम सांसद
अमरीकी संसद के चुनाव में पहली बार किसी मुस्लिम ने जीत का परचम लहराया है। सेनेट के चुनाव में अब्दुल अल-सैयद ने जीत हासिल की है। पेशे से डॉक्टर और प्रगतिशील नेता सैयद ने मिशिगन सीट पर अपने प्रदर्शन से डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को चौंका दिया। उन्होंने रिपब्लिकन के माइक रोजर्स को हराया है। बता दें कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमरीकी संसद के उच्च सदन पर अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है। अपनी जीत की घोषणा करते हुए सैयद ने कहा कि आपने मुझे अपने घरों, अपने चर्चों और अपने सिनेगॉग (यहूदी प्रार्थना स्थलों) में स्वागत किया। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय उस आंदोलन को दिया, जिसे उन्होंने डेढ़ साल तक मिशिगन के बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक प्रचार करके खड़ा किया था। उन्होंने कहा कि जब वे सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे थे, तब मतदाताओं ने ही उन्हें ताकत दी। बता दें कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनके सबसे बड़े आलोचकों में शामिल हैं। उनके आलोचकों ने अकसर अब्दुल सैयद के नाम और धर्म को निशाना बनाया। यहां तक कि ट्रंप ने उन पर जेहादी होने का आरोप लगाया।
