चालक दल के सदस्यों में से एक अमेरिका और एक तुर्किये का नागरिक है। आईसीजी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नौका बेहद खराब मौसम में फंस गयी थी था, उसकी पाल फट गई थी और प्रोपेलर में कुछ फंस गया था, जिससे वह आगे बढ़ नहीं पा रही थी। MRCC पोर्ट ब्लेयर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ‘इंटरनेशनल सेफ्टी नेट’ (ISN) को सक्रिय कर दिया, आस-पास के सभी मालवाहक जहाजों को सतर्क कर दिया और बचाव अभियान शुरू किया।
आईसीजी ने बताया कि इसके बाद तत्काल सहायता करने के लिए ICGS राजवीर को दोपहर दो बजे भेजा गया। उसने बताया, ‘‘पेशेवर रवैये और सटीकता का प्रदर्शन करते हुए, ICGS राजवीर शाम 5:30 बजे तक नौका के पास पहुंच गया, उसने चालक दल के साथ संचार स्थापित किया और घटनास्थल का निरीक्षण किया।’’
अधिकारी ने बताया कि तेज हवाओं और यांत्रिक खराबी के बावजूद चालक दल सुरक्षित स्थिति में पाया गया। तटरक्षक बल ने बताया कि शाम छह बजकर 50 मिनट तक नौका को खींच कर सुरक्षित कैम्पबेल बे तक लाया गया और 11 जुलाई को सुबह आठ बजे वह बंदरगाह पहुंच गयी। अधिकारी ने कहा कि यह त्वरित और सफल बचाव अभियान समुद्री सुरक्षा के प्रति आईसीजी की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
