नई दिल्ली: देशभर में शनिवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। देश में इस दिन को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप और दिल्ली स्थित सरदार पटेल चौक पर सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान देश के निर्माण और एकीकरण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया गया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका असाधारण जीवन राष्ट्रीय एकता, दृढ़ संकल्प और निस्वार्थ सेवा की शक्ति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देश राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के महान योगदान को कृतज्ञता के साथ याद कर रहा है। उनकी विरासत आज भी एकता और प्रगति की दिशा में भारत का मार्गदर्शन कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन एक मजबूत, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत माता की सेवा में सरदार पटेल का त्याग और समर्पण विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सरदार पटेल का सपना केवल स्वतंत्र भारत का निर्माण करना नहीं था, बल्कि एक ऐसे मजबूत, आत्मनिर्भर और संगठित राष्ट्र की स्थापना करना था, जहां विविधता देश की ताकत बने और राष्ट्रीय एकता उसकी पहचान हो। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की जयंती पर मनाया जाने वाला राष्ट्रीय एकता दिवस देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति प्रत्येक नागरिक के कर्तव्यों की याद दिलाता है। उन्होंने लोगों से सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाकर मजबूत, समरस और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में सरदार पटेल का योगदान और आजादी के बाद सैकड़ों रियासतों का भारत में एकीकरण उनके अदम्य साहस, अटूट संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का दूरदर्शी नेतृत्व, असाधारण संगठनात्मक क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपने अदम्य साहस और दूरदर्शिता से रियासतों में बंटे भारत को एक सूत्र में पिरोकर सशक्त राष्ट्र की नींव रखी। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना कर देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत आधार दिया। खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह के जरिए किसानों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष जनसेवा और नेतृत्व का बेमिसाल उदाहरण है। अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल का त्याग, समर्पण और देशभक्ति हर नागरिक को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण के लिए प्रेरित करती रहेगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सरदार पटेल को भारत रत्न और लौह पुरुष बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने अडिग संकल्प और मजबूत इच्छाशक्ति से आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए सरदार पटेल के योगदान और उनके आदर्शों से आने वाली पीढ़ियां सदियों तक प्रेरणा लेती रहेंगी।
सरदार वल्लभभाई पटेल स्वतंत्र भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे। आजादी के बाद देश की सैकड़ों रियासतों के एकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी योगदान के कारण उन्हें ‘लौह पुरुष’ और आधुनिक भारत के शिल्पकार के रूप में याद किया जाता है। उनकी जयंती पर मनाया जाने वाला राष्ट्रीय एकता दिवस देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति समर्पण का संदेश देता है।
