मुंबई: प्रो कबड्डी लीग सीजन 12 की रविवार को समाप्त हुई खिलाड़ियों की नीलामी में 10 खिलाड़ी करोड़पति बने। गुजरात जायंट्स ने दो बार के चैंपियन मोहम्मदरेजा शादलू को सबसे बड़ी बोली लगाकर 2.23 करोड़ रूपये में खरीदा।
प्रो कबड्डी के 12वें सत्र के 12 फ्रेंचाइजियों ने दो दिन बोली गई। इसके अलावा दो करोड़ क्लब में देवांक दलाल शामिल रहे, जिन्हें बंगाल वॉरियर्ज ने 2.205 करोड़ रूपये में साइन किया। दो दिनों तक चली नीलामी में इस बार एक नई फाइनल बिड मैच (एफबीएम) नीति को भी लागू किया गया, जिसके तहत टीमें अपने रिलीज किए गए खिलाड़ियों को नीलामी में लगी अंतिम बोली से मैच करके एक या दो सीजन के लिए दोबारा साइन कर सकती थीं। इस नियम के तहत पांच खिलाड़ी दो सत्र के लिए और नौ खिलाड़ी एक सत्र के लिए रिटेन किए गए।
कैटेगरी सी ऑलराउंडर्स के लिए शानदार मौका साबित हुई, जहां नितिन रावल, गुरदीप और धीरेज को बड़ी बोलियाँ मिलीं। नितिन को जयपुर पिंक पैंथर्स ने 50 लाख रूपये में साइन किया, गुरदीप को पुनेरी पलटन ने 47.10 लाख रूपये में खरीदा और धीरेज बेंगलुरु बुल्स की जर्सी पहनेंगे, जिन्हें 40.20 लाख रूपये की बोली मिली। हालांकि इस श्रेणी की सबसे ऊंची बोली रेडर आकाश शिंदे के नाम रही, जो 53.10 लाख रूपये में बेंगलुरु बुल्स में शामिल हुए। खिलाड़ियों नीलामी की सबसे चौंकाने वाली बोली कैटेगरी डी में देखने को मिली, जब यू मुंबा ने हिमाचल प्रदेश के ऑलराउंडर अनिल मोहन को 78 लाख रूपये की रिकॉर्ड तोड़ बोली में साइन किया। खास बात यह है कि पीकेएल इतिहास में कैटेगरी डी की यह सबसे बड़ी बोली है।
अनिल मोहन ने नीलामी के दूसरे दिन दोनों कैटेगरी में सबसे बड़ी बोली पाई। उनके बाद कैटेगरी डी में दूसरी सबसे बड़ी बोली उदय पार्टे को मिली, जिन्हें जयपुर पिंक पैंथर्स ने 50.10 लाख रूपये में खरीदा। नीलामी को लेकर मशाल स्पोर्ट्स के बिजनेस प्रमुख और प्रो कबड्डी लीग के लीग कमिश्नर अनुपम गोस्वामी ने कहा, “यह बहुत सकारात्मक है कि पीकेएल 12 की नीलामी के पहले दिन की गति दूसरे दिन भी बरकरार रही। टीमों ने कैटेगरी सी और डी में गहरी रुचि दिखाई है, विशेष रूप से पीकेएल डेब्यूटेंट आनिल मोहन के लिए ₹78 लाख की बोली से, जो कैटेगरी डी के लिए हमारी लीग के इतिहास की सबसे ऊंची बोली है। ऐसे नए खिलाड़ी अक्सर टीम की रीढ़ बनते हैं, और उनके विकास में निवेश करना प्रतिस्पर्धी टीमों के निर्माण के लिए आवश्यक है।
निश्चित रूप से, इस सीज़न में 10 ‘करोड़पति’ खिलाड़ियों का उभरना एक संतुलित बाजार को दर्शाता है, जहां अनुभवी और नए दोनों प्रकार के खिलाड़ियों को समान रूप से महत्व मिल रहा है। यह आगामी सत्र के लिए एक प्रतिस्पर्धी माहौल की आधारशिला रखता है।”
