देहरादून, 12 अप्रैल 2026: राजधानी की सड़कों पर आज देशभक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति (रजि.) के तत्वावधान में आयोजित “स्वतंत्रता सेनानी शहीद सम्मान यात्रा” ने न केवल शहीदों को नमन किया, बल्कि समाज और सरकार को सेनानियों के उत्तराधिकारियों की समस्याओं के प्रति जागरूक भी किया।
–देशभक्ति के नारों के साथ हुआ यात्रा का शंखनाद
यह ऐतिहासिक यात्रा हरिद्वार रोड स्थित पुरानी जेल परिसर (स्वतंत्रता सेनानी स्तंभ) से हर्षोल्लास के साथ प्रारंभ हुई। देशभक्ति के गीतों और गगनभेदी नारों के बीच यह यात्रा ईस्ट केनाल रोड, दुर्गा मंदिर और कनक चौक जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई गांधी पार्क के मुख्य द्वार पर संपन्न हुई।
मुख्य उद्देश्य: ‘सम्मान और समाधान’
यात्रा के माध्यम से संगठन ने दो प्रमुख संदेशों को प्रखरता से रखा:
उत्तराधिकारियों की उपेक्षा पर प्रहार: सेनानियों की प्रथम पीढ़ी द्वारा झेली जा रही आर्थिक और सामाजिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करना और उनके सम्मानजनक समाधान की मांग करना।
–ओजस्वी काव्य पाठ ने भरा जोश
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण चौथी पीढ़ी के सदस्य मा. प्रत्युष शर्मा का संबोधन रहा। उनकी ओजस्वी कविता ने उपस्थित जनसमूह में न केवल राष्ट्रप्रेम का संचार किया, बल्कि शहीदों के गौरवपूर्ण इतिहास को जीवंत कर दिया।
–अध्यक्ष का आभार
समिति के अध्यक्ष ने यात्रा की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए मीडिया बंधुओं, पुलिस प्रशासन और सभी कर्मठ सदस्यों का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि उन महान आत्माओं के प्रति एक सामूहिक कृतज्ञता है जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
इस अवसर पर शशांक गुप्ता, राजकुमार अग्रवाल, राजीव मनोचा, प्रमोद डोरा, सुभाष जैसवाल, मनमोहन गोयल सहित भारी संख्या में पुरुष एवं महिला सदस्य उपस्थित रहे। विशेष रूप से श्रीमती आशा शर्मा, प्रेम खन्ना, मधु गोयल, सुलोचना इष्टवाल, पूनम अग्रवाल, उमा गुप्ता, जया गुप्ता और दिव्या शर्मा आदि ने यात्रा के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
