हरिद्वार, 01 फ़रवरी । माघ पूर्णिमा पर आज धर्मनगरी हरिद्वार में हरकी पैड़ी ब्रह्म कुण्ड समेत गंगा के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
गंगा तटों परं सुबह से ही गंगा स्नान करने वालों की भीड़ उमड़ी। माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। इसलिए देश की कई प्रातों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। पुलिस और प्रशासन की ओर से भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। हालांकि सुबह बरसात के चलते श्रद्धालुओं की संख्या कम रही, किन्तु बरसात रूकने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ। कड़कड़ाती ठंड पर श्रद्धालुओं की आस्था भारी पड़ी। पौराणिक मान्यता है कि माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान, ध्यान और दान करने से सभी पापों का नाश होता है।
माघ पूर्णिमा स्नान पर्व पर गंगा स्नान का पुण्य अर्जित करने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में हरकी पैड़ी पहुंचे। हर की पैड़ी पर सुबह से गंगा स्नान करने वालों की भीड़ देखने को मिली। माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। माघ पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी समेत गंगा के विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई। मान्यता है कि पर्व पर गंगा स्नान, ध्यान और दान करने से घर में सुख, समृद्धि, और स्वास्थ्य लाभ मिलता है।पुलिस और प्रशासन की ओर से भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
शास्त्रों के माघ पूर्णिमा के स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। यही कारण है कि हरकी पैड़ी के अलावा अन्य गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान और दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मान्यता है कि आज के दिन पिंडदान, तर्पण और दान इत्यादि करने से पितरों को शांति मिलती है। हरिद्वार के प्राचीन नारायणी शिला मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु तर्पण, पिंडदान और दान इत्यादि करने पहुंचे और अपने पितरों के निमित्त पूजा अर्चना कर उनकी आत्मशांति की कामना की। माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व होने के कारण तीर्थनगरी के आश्रम-अखाड़ों में भी विशेष धार्मिक आयोजन हुए।
