हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचने लगे और मां गंगा में पवित्र स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की। गंगा तटों पर धार्मिक भजनों, मंत्रोच्चार और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
निर्जला एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु की आराधना की और व्रत-पूजन संपन्न किया। बड़ी संख्या में लोगों ने जल, फल, वस्त्र और अन्य सामग्री का दान कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ हरिद्वार पहुंचे और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
सनातन धर्म में निर्जला एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी व्रत माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की उपासना, व्रत और दान-पुण्य करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इसी आस्था और विश्वास के साथ उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे और मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।
पर्व के मद्देनजर हरिद्वार पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए गंगा घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी गई और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने और घाटों पर निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील भी की गई।
निर्जला एकादशी के अवसर पर हरिद्वार एक बार फिर श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया, जहां गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और दान-पुण्य के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था व्यक्त की।
