उत्तरकाशी, 01 फ़रवरी। मौसम ने एक बार फिर से करवट बदल ली है और पहाड़ों समेत समूचे उत्तर भारत में बारिश का दौर शुरू हो गया है। उत्तरकाशी के गंगोत्री- यमुनोत्री धाम सहित ऊंचाई इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गया है।
रविवार को आईएमडी ने अगले 3 दिन तक उत्तराखंड क्षेत्र के अधिकांश ऊंचे स्थानों पर मूसलाधार बारिश व भारी बर्फबारी होने का अलर्ट जारी किया है, जिसका असर मैदानी हिस्सों पर भी रहेगा। इधर, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ ने एंट्री लेते ही आंधी-बारिश का सिलसिला शुरू कर दिया है, जो अगले कई घंटों तक रुक-रुक कर जारी रहेगा। अनुमान है कि एक बार फिर से सर्दी वापसी करेगी।
उत्तराखंड में रविवार से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों तक राज्य ऊंचाई वाले भागों पर बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई है। 3 फरवरी तक चमोली, बागेश्वर, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में बारिश का येलो अलर्ट जारी है। उधर, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री समेत कई स्थानों पर भारी बर्फबारी का पूर्वानुमान है। मौसम खराब रहने से न्यूनतम तापमान में कमी आएगी और लोगों को दिन में भी सर्दी का एहसास होगा। फिलहाल, लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।
कई स्थानों पर तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटा) के साथ बिजली गिरने और गरज के साथ तूफान आने की प्रबल संभावना बताई गई है।
वहीं उत्तरकाशी समेत कई पहाड़ी जिलों में रात से ही मौसम खराब बना हुआ है। जिससे आम लोगों के साथ-साथ प्रशासन की भी मुश्किलें बढ़ गई है। पहाड़ों पर बर्फ की मोटी परत जमने से जहां सड़कें फिसलन भरी हो गई है तो वहीं मैदानी इलाकों में बारिश और ओलों ने जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। आलम ये है कि सर्द मौसम ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
चारों तरफ बर्फ ही बर्फ
वर्तमान समय में उत्तरकाशी जिला मुख्यालय समेत सभी तहसील क्षेत्रों में बारिश जारी है। जबकि, ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है. यमुनोत्री, गंगोत्री, हर्षिल, मुखबा, सुखी टॉप, राड़ी टॉप और आसपास के क्षेत्रों में भारी बर्फ गिरने से तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम के इस बदले मिजाज ने जहां किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है तो वहीं पर्यटकों और शीतकालीन तीर्थयात्रियों के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। रात के समय तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण कई स्थानों पर विजिबिलिटी भी कम हो गई है। जिससे लोगों को गाड़ी चलाने में भी दिक्कतें उठानी पड़ रही।
